सेंसेक्स 450 अंक की बढ़त के साथ खुला, लेकिन ऊपरी स्तरों से फिसला
शेयर बाजार में बुधवार को तेजी आई। सेंसेक्स 450 अंक के उछाल के साथ 34,301 के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी में 140 अंक की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, ऊपरी स्तरों से मुनाफावसूली के चलते दोनों इंडेक्स नीचे आ गए। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स की सभी 30 कंपनियों के शेयर फायदे में रहे। निफ्टी के 50 में से 49 शेयरों में तेजी आई। रुपए में मजबूती और कच्चा तेल सस्ता होने से शेयर बाजार को फायदा हुआ।
ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1.7% तेजी
बीएसई पर सभी 19 सेक्टर इंडेक्स में बढ़त दर्ज की गई। ऑयल एंड गैस इंडेक्स 1.7% चढ़ा। बैंकिंग इंडेक्स में 1.5% और रियल्टी इंडेक्स में 2% तेजी आई।
डॉलर के मुकाबले रुपया बुधवार को 41 पैसे मजबूत होकर 73.16 के स्तर पर आ गया। मंगलवार को यह 73.57 पर बंद हुआ था। उधर, ब्रेंट क्रूड का रेट 77 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया।
कच्चा तेल सस्ता होने से एविएशन और तेल कंपनियों के शेयरों को फायदा हुआ। हिंदुस्तान पेट्रोलियम के शेयर में 3% से ज्यादा तेजी आई। जेट एयरवेज का शेयर 2% चढ़ा।
रुपए में मजबूती की वजह से इम्पोर्ट पर आधारित आईटी और फार्मा सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई। विप्रो का शेयर 2% टूट गया। टीसीएस में करीब 1% गिरावट आई।
शेयर बाजार में सरकारी कंपनियों को इस साल 9 महीने में 4 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। ब्लूमबर्ग-क्विंट के मुताबिक 76 में से 74 सरकारी कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई। इस दौरान पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) का शेयर सबसे ज्यादा 65% लुढ़का। रेल कोच बनाने वाली कंपनी बीईएमएल के शेयर 62% टूट गया।
बैंकों का एनपीए बढ़ने और क्रूड महंगा होने जैसी वजहों से शेयरों में गिरावट आई। पीएनबी को नीरव मोदी के घोटाले की वजह से नुकसान हुआ।
सिर्फ दो कंपनियों कोल इंडिया और गेल के शेयर में 1% तेजी दर्ज की गई।
एनपीए की वजह से सिंडीकेट बैंक को बड़ा घाटा हुआ। बीईएमएल को अप्रैल-जून तिमाही में 160 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। यह पिछले 9 साल में सबसे ज्यादा है।
आईओसीएल और भारत पेट्रोलियम को क्रूड के रेट बढ़ने से नुकसान हुआ। एसबीआई को अप्रैल-जून तिमाही में 4,800 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। यह लगातार तीसरा तिमाही नुकसान था।
इस साल 5 सरकारी कंपनियों के आईपीओ आए। मिश्र धातु निगम लिमिटेड, राइट्स, भारत डायनामिक्स हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स और इरकॉन इंटरनेशनल की शेयर बाजार में लिस्टिंग हुई। इनमें से मिश्र धातु और राइट्स को छोड़ बाकी तीनों कंपनियों के शेयर इश्यू प्राइस से नीचे हैं।
ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1.7% तेजी
बीएसई पर सभी 19 सेक्टर इंडेक्स में बढ़त दर्ज की गई। ऑयल एंड गैस इंडेक्स 1.7% चढ़ा। बैंकिंग इंडेक्स में 1.5% और रियल्टी इंडेक्स में 2% तेजी आई।
डॉलर के मुकाबले रुपया बुधवार को 41 पैसे मजबूत होकर 73.16 के स्तर पर आ गया। मंगलवार को यह 73.57 पर बंद हुआ था। उधर, ब्रेंट क्रूड का रेट 77 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया।
कच्चा तेल सस्ता होने से एविएशन और तेल कंपनियों के शेयरों को फायदा हुआ। हिंदुस्तान पेट्रोलियम के शेयर में 3% से ज्यादा तेजी आई। जेट एयरवेज का शेयर 2% चढ़ा।
रुपए में मजबूती की वजह से इम्पोर्ट पर आधारित आईटी और फार्मा सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई। विप्रो का शेयर 2% टूट गया। टीसीएस में करीब 1% गिरावट आई।
शेयर बाजार में सरकारी कंपनियों को इस साल 9 महीने में 4 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। ब्लूमबर्ग-क्विंट के मुताबिक 76 में से 74 सरकारी कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई। इस दौरान पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) का शेयर सबसे ज्यादा 65% लुढ़का। रेल कोच बनाने वाली कंपनी बीईएमएल के शेयर 62% टूट गया।
बैंकों का एनपीए बढ़ने और क्रूड महंगा होने जैसी वजहों से शेयरों में गिरावट आई। पीएनबी को नीरव मोदी के घोटाले की वजह से नुकसान हुआ।
सिर्फ दो कंपनियों कोल इंडिया और गेल के शेयर में 1% तेजी दर्ज की गई।
एनपीए की वजह से सिंडीकेट बैंक को बड़ा घाटा हुआ। बीईएमएल को अप्रैल-जून तिमाही में 160 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। यह पिछले 9 साल में सबसे ज्यादा है।
आईओसीएल और भारत पेट्रोलियम को क्रूड के रेट बढ़ने से नुकसान हुआ। एसबीआई को अप्रैल-जून तिमाही में 4,800 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। यह लगातार तीसरा तिमाही नुकसान था।
इस साल 5 सरकारी कंपनियों के आईपीओ आए। मिश्र धातु निगम लिमिटेड, राइट्स, भारत डायनामिक्स हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स और इरकॉन इंटरनेशनल की शेयर बाजार में लिस्टिंग हुई। इनमें से मिश्र धातु और राइट्स को छोड़ बाकी तीनों कंपनियों के शेयर इश्यू प्राइस से नीचे हैं।
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